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वासुदेव अग्रवाल नमन जी द्वारा सवैया विधान
वासुदेव अग्रवाल नमन तिनसुकिया ने सवैया छंद का विधान बहुत ही सरल तरीके से समझाया है । सवैया छंद विधान सवैया चार चरणों का वार्णिक छंद है जिसक...
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हरिगीतिका छंद में माँ सरस्वती वंदना माँ शारदे देवी सुनो ये, वंदना जो गा रहे । माँ आपकी ही है कृपा तो, ज्ञान को हैं पा रहे । रागों सजी व...
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वासुदेव अग्रवाल नमन तिनसुकिया ने सवैया छंद का विधान बहुत ही सरल तरीके से समझाया है । सवैया छंद विधान सवैया चार चरणों का वार्णिक छंद है जिसक...
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शोधालेख: छंद की आधार भूमि काव्य संजीव वर्मा 'सलिल' * छंद: छंद की आत्मा ध्वनि और काया काव्य है। काव्य के बिना छंद की प्रतीति दुष्...

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