मंगलवार, 7 जुलाई 2020

सुदामा शर्मा

आराध्य से निवेदन....
 एक अनुग्रह हो
अवसान से पहले
साथ तुम रहो
निर्वाण से पहले.....
बीच की ये दूरियां
मिट जाएं मजबूरियां
मधुर हो मिलन
प्रयाण से पहले..एक...
कसमें न कोई वादा
बस इतना सा इरादा
तुम देखो मैं जाऊं
शान से पहले...एक....
रस रुप की झलके
एक सांवरी घटा
अंतस में छुपा
तमस आखरी हटा
सन्निधि मिले पूर्ण
विराम से पहले....
एक अनुग्रह हो
अवसान से पहले
साथ तुम रहो
निर्वाण से पहले.....

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