मंगलवार, 7 जुलाई 2020

तुम्हीं से प्यार करना है ।

ग़ज़ल
तुम्ही से प्यार करना है ।

मुझे तो आज ये इज़हार करना है ।
तुम्हें चाहा तुम्हीं से प्यार करना है ।

निभाएंगे मुहब्बत हम क़यामत तक,
तुम्हारे सामने इक़रार करना है ।

सुलझते गुफ़्तगू से हैं सभी मुद्दे,
यही करना नहीं तकरार करना है ।

खिलाने फूल ख़ुशबू के चलो यारो,
बहारों से चमन गुलज़ार करना है ।

वतन के नौजवानों को जगाने अब,
हमें पैनी क़लम की धार करना है । 

चाहते हो अगर मंज़िल मिले पहले,
तुम्हें भी तेज फ़िर रफ़्तार करना है ।

अँधेरा भाग जाएगा भरोसा रख,
क़मर को नूर की बौछार करना है ।

बढ़ेगी खूब रौनक़ उनके आने से,
बुलाने को उन्हें इसरार करना है ।

भगाने दुश्मनों को मारकर बाहर,
हमें हथियार हर तैयार करना है ।

अवधेश सक्सेना-07072020

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