सोमवार, 6 जुलाई 2020

पंडित सुदामा

भजन भाव....
गोपियों का निवेदन....
श्याम तुम ऐसे कठोर न बनो
दिल को चुराने वाले चोर न बनो......2 ए जी दिल को..
1 मिलना जो नहीं तो,
    क्यों बुलाया है हमें
   अपने प्रेम जाल में
    फंसाया है हमें....2
प्राणों के आधार 
कोई और न बनो...दिल को...
2  मीठी-मीठी बातों से
    लुभाते हो हमें
    वंशी बजा के क्यों
    बुलाते हो हमें ए जी....2
मोहन हठीले
चितचोर न बनो दिल को .....
3 रोज रोज सपने में
   आते हो क्यों
   झलक दिखा के
    जलाते हो क्यों...एजी...
छलिया छबीले
माखन चोर न बनो दिल को..
4  पिया घर द्वार सब
     छोड़ दिए हैं
     लाज के बंधन 
     तोड़ दिए हैं। एजी ...लाज
मोर पंख धारी
तुम मोर न बनो दिल को....
5 बंध गए तेरी प्रीत में हम
  हार गए तेरी जीत में हम
टूट जाए ऐसी डोर न बनो
 दिल को चुराने वाले......
6 दीन सुदामा के मीत सखा
  अब तो अपने गले से लगा
प्रेम निशा की भोर न बनो
दिल को चुराने वाले
चोर न बनो ..श्याम तुम ऐसे..
पंडित सुदामा गुना
9993089820

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